दिव्यांग बच्चों में भी टैलेंट, जरूरत है उन्हें पहचानकर आगे बढ़ाने की

ग्वालियर. दिव्यांग बच्चे खूबसूरत फूल की तरह होते हैं। इनकी आवश्यकताओं को समझा जाए और उसे स्वीकार किया जाए। बच्चे में उसकी क्षमता के अनुरूप प्रतिभा को समझकर तैयारी कराई जाए। क्योंकि उनके पास भी किसी न किसी एक विधा का टैलेंट होता है। जरूरत है उसे पहचानकर आगे बढ़ाने की। यह बात एक्सपट्र्स ने प्रशिक्षण के दौरान अभिभावकों से कही। राज्य शिक्षा केन्द्र के निर्देशों के क्रम में गुरुवार को संभागीय दिव्यांग बालिका छात्रावास में अभिभावक प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न हुआ। इसमें मुरार तथा घाटीगांव विकास खंड के दिव्यांग बच्चों के पैरेंट्स को प्रशिक्षण दिया गया।
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