ग्वालियर। भोपाल से डबरा एक शादी समारोह में भाग लेने आ रहे एक परिवार के बैग में रखे सोने के जेवरात बबीना- झांसी के बीच चोरी हो गए है। जब इस बात का पता चला तो डबरा उतरकर यात्रियों ने जीआरपी चौकी को आवेदन दिया और शून्य में कायमी कर प्रकरण झांसी भेज दिया है।…

ग्वालियर। शहर में हत्या,चोरी और लूटपाट की घटनाए कम होने का नाम नहीं ले रही है। बीते तीन दिनों से शहर में लगातार घटनाए हो रही है,लेकिन पुलिस प्रशासन की ओर से इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। रात को शहर में वेल्डिंग कारीगर को हत्यारों ने चाकुओं से गोदकर मार डाला।…

ग्वालियर। छात्रा को शादी का झांसा देकर शिक्षक आठ साल से उसे हवस का शिकार बनाता रहा। वह बालिग हो गई तो शादी की जिद की,लेकिन वह टाल गया। छात्रा को शक हुआ और उसके बारे में जानकारी ली थी तो मालूम चला वह पहले से शादीशुदा है और एक बच्चे का पिता भी है,जबकि…

ग्वालियर. शहर के समीप जलालपुर रेलवे ब्रिज के नीचे निकास व्यवस्था नहीं होने के कारण हल्की सी बारिश में पानी भर जाने से तालाब जैसी स्थिति बन जाती है। जबकि आवागमन के लिए रेलवे ब्रिज ही एक मात्र साधन है, क्योंकि एक ओर से दूसरी ओर जाने के लिए काफी लंबा रास्ता तय करना पड़ता…

ग्वालियर। पत्रिका के हरियाली से खुशहाली महोत्सव के तहत सोमवार को पत्रिका ने शहर के सेंट्रल एकेडमी स्कूल,एबनेजर स्कूल और मिस हिल स्कूल में पौधरोपण किया। इस दौरान सभी लोगों ने पौधे लगाए और संकल्प लिया कि पौधों की प्रतिदिन देखभाल करेंगे। इस मौके पर सभी ने अधिकाधिक पौध लगाने की शपथ ली। साथ ही…

ग्वालियर। चंबल के मुरैना जिले के बानमोर से सटी सांक नदी में नहाने गया 13 वर्षीय बालक का शव 20 घंटे की मशक्कत के बाद निकाल लिया। वह अपने तीन अन्य साथियों के साथ पबाया गांव स्थिति साक नदी में नहाने गए एक 13 वर्षीय जीतू पुत्र उम्मेद सिंह कुशवाह निवासी हड्डी मिल दुर्गा कॉलोनी…

ग्वालियर। मुरैना के जौरा में बाइक सवार को बचाने के चक्कर में जीप अनियंत्रित होकर चबूतरा से भिड़ गई। जिससे जीप में सवार उपयंत्री मंजर अहमद परिवार सहित घायल हो गए। इस हादसे में करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए हैं। घायलों में महिला,पुरुष और बच्चे भी शामिल हैं। इसे भी पढ़ें : पहले…

ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया है कि पर्यावरण की रक्षा करने के लिए एक-एक बूथ पर कम से कम 5-5 पौधे जरूर लगाएं। देश में पानी कम है, पानी की समस्या से निपटने के लिए जल बचाएं, पर्यावरण को बचाने के लिए पौधे लगाएं। वृक्ष ही पर्यावरण का मुख्य…

Everybody has been a prey to history and even this beautiful place in Gwalior is not an exception. Decades of negligence, unawareness of its own people has thrown this magnificence into the dark pages of history. When somebody stands at the center of this Grand Maharaj Bada Circle of Gwalior , I am sure that they would freeze with awe if they are told what really this splendor means in terms of architecture. I can even bet and say that finding a circle of this architectural importance in contemporary world would nearly be impossible.

मान्यता है की रामायण काल मैं महर्षि वाल्मीकि का आश्रम यहीं था व् लव और कुश का जन्म भी इसी प्रांगन मैं हुआ था |

जब होली के रंगों में भक्ति और वात्सल्य का रस मिल जाता है , तब ये रंग और गहरे हो जाते है।
भक्ति और वात्सल्य रस से सराबोर राई और बधाई नृत्य साधना का यह देश का सबसे बड़ा उत्सव है।
यहाँ का आनंद अद्भुत और अपूर्व है।