ग्वालियर. इंटरनेट और डिजिटल शिक्षा पद्धति के चलते प्राइमरी रिसर्च कम और सेकेंडरी रिसर्च अधिक हो रही है। यदि कोई रिसर्च पेपर लिखना चाहता है तो उसे आईएमआरडीएस मेथड का प्रयोग करना चाहिए। यह बात इलाहबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर बेचन शर्मा ने कही। वे यहां जीवाजी विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी पर्यावरण विज्ञान विभाग की ओर से न्यू टूल्स एंड टेक्नीक्स फॉर टीचिंग इन बायोटेक्नोलॉजी एंड एनवायर्मेंटल साइंस विषय पर आयोजित एक दिवसीय वर्कशॉप में…

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