ग्वालियर. हमारे देश को आजादी ऐसे ही नहीं मिली थी, इसके लिए कई वीरों ने अपने प्राणों की आहुतियां दी थीं। 1857 के स्वाधीनता संग्राम में महती योगदान झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का था। अंग्रेजों से लड़ते-लड़ते उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी थी। जिस जगह वीरांगना ने अपनी देह त्यागी थी, उस जगह यानी ग्वालियर के फूलबाग के पास उनकी याद में समाधि स्थल बनाया गया है। इस जगह आकर हर देशवासी का सर फक्र से ऊंचा हो जाता है, उनमें देशप्रेम…

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